कंप्यूटर का परिचय – Introduction of Computer in Hindi

कंप्यूटर क्या है? What is Computer in Hindi?computer kya hai

क्या आप जानते हैं की कंप्यूटर क्या है और कैसे कार्य करता है, अगर नहीं तो आप इस आर्टिकल के माध्यम से कंप्यूटर के विषय में सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त कर पाएंगे।

कंप्यूटर एक मानव निर्मित इलेक्ट्रॉनिक Programable Device है जिसे इस प्रकार विकसित (Develop) किया गया है जो कुछ तय निर्देशों के अनुसार किसी भी कार्य को पूर्णता के साथ सम्पादित करता है।

कंप्यूटर शब्द लैटिन भाषा के शब्द ‘’Computare’’ से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है गणना करना यानि की “Calculation

कंप्यूटर की परिभाषा (Definition) क्या है ?

दुसरे शब्दों में, कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो User के द्वारा दिए गए इनपुट आँकड़ों को अपने Input Devices की मदद से स्वीकार करता है एवम अपने Processing यूनिटों के द्वारा उन आँकडों (Data) को प्रोसेस करता है और अंततः Output Unit (Display) की मदद से सूचनाओं  (Results) को प्रकाशित करता है।

मनुष्यों में गणना (calculation) करने, सोचने – समझने, अच्छे – बुरे की समझ, किसी भी चीज़ को अनुभव करने, गुस्सा एवम प्यार करने यानि Feelings की शक्ति होती है।

वहीँ कंप्यूटर में इनमें से सिर्फ गणना (Calculation) करने की ही क्षमता होती है जोकि आम इंसानों की तुलना में काफी तीव्र (Fast) और सटीक (Accurate) होती है।

कंप्यूटर में किसी भी Calculation या Data को Solve (Process) करने के लिए उसके Brain यानि की माइक्रोप्रोसेसर (CPU) को पहले ही Develop (Programme) कर दिया जाता है जिससे की वह किसी भी तरह के डाटा को कम – से – कम समय में Solve कर देता है।

इस तरह के डाटा को प्रोसेस करने के लिए कंप्यूटर Binary System (0,1) पर काम करता है।

पहले के समय में कंप्यूटर सिर्फ एक गणना करने के मशीन की तरह था यानि की हम कैलकुलेटर को एक कंप्यूटर की तरह मानते थे।

मगर आज कंप्यूटर का क्षेत्र इतना व्यापक हो चुका है की किसी भी काम को करने के लिए कंप्यूटर का उपयोग आवश्यक हो गया है।

कंप्यूटर सिर्फ एक मॉनिटर, माउस और कीबोर्ड तक ही सीमित नहीं है बल्कि हमारे पास जो मोबाइल फ़ोन है वह भी एक कंप्यूटर है एवम Rocket Science से लेकर Satellite Mission में उपयोग होने वाला प्रत्येक Part एक Individual कंप्यूटर की तरह काम करता है।

यानि की हम यह कह सकते हैं की Programming के द्वारा पहले से जो तय निर्देशों के आधार पर काम करता है, वह कंप्यूटर है।

कंप्यूटर को हिंदी में क्या कहा जाता है?

कंप्यूटर को हिंदी भाषा में ‘अभिकलित्र या संगणक’ कहा जाता है। जिसका अर्थ ‘गणना’ करना होता है।

Desktop Computer क्या है और ये कब आया ?Deskt0p Computer kya hai

जब भी हमसे कोई कंप्यूटर के विषय में बात करता है तो हमारे मस्तिष्क में सबसे पहले जो Image बनकर आता है, वह ‘Desktop Computer’ ही है।

जिसे हम अक्सर अपने स्कूल या कॉलेज के ऑफिस या Classroom में देखते हैं।

सन 1964 में पहली बार न्यूयोर्क में  ‘Pier Giorgio Perotto’ के द्वारा  ‘PROGRAMMA – 101′ के रूप में दुनिया का पहला Desktop Computer लांच किया गया ।

सामान्यतः एक Desktop Computer 4 मुख्य यूनिटों से मिलकर बनता है जोकि है –

मॉनिटर (Monitor) monitor kya hai

जिसे Display (Screen) भी कहा जाता है, जिसपर हम सारी गतिविधियों को देख पाते हैं।

आजकल के आधुनिक मॉनिटर को LCD एवम LED भी कहा जाता है।

System Unit (CPU)system Unit

इसे CPU बॉक्स या Cabinet भी कहा जाता है जिसके अंदर कंप्यूटर की सभी हार्डवेयर पार्ट्स होते हैं जिससे की कंप्यूटर Operate हो पाता है, जैसे कि – Motherboard, Microprocessor, RAM, इत्यादि।

Keyboardkeyboard kya hai

डाटा इनपुट करने के लिए कीबोर्ड का उपयोग किया जाता है।

 

Mousecomputer-mouse

माउस की सहायता से हम Screen पर अपनी इच्छानुसार Cursor को Move और Click कर पाते हैं।

इस प्रकार, इन 4 बेसिक यूनिटों को मिलाकर “डेस्कटॉप कंप्यूटर’’ कहा जाता है।

इन 4 मूल यूनिटों के अतिरिक्त भी कुछ अन्य उपकरण होते हैं, जिन्हें Desktop Computer के साथ जोड़कर उपयोग किया जाता है, जोकि हैं –

Printerprinter kya hai

प्रिंटर एक बाहरी (External) Output उपकरण होता है जिससे कि कंप्यूटर में उपस्थित Digital Data को कागज (White Paper) पर प्राप्त किया जाता है, जिसे Hard Copy कहा जाता है।

कंप्यूटर पर जो डिजिटल डाटा होता है उसे Soft Copy कहा जाता है।

प्रिंटर कई प्रकार के होते हैं,

उदाहरण के लिए ; इंक जेट प्रिंटर, लेज़र प्रिंटर, डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर इत्यादि।

Speakerspeaker

स्पीकर भी एक आउटपुट External Device है जिससे कि हम कंप्यूटर द्वारा चलाए गए ऑडियो एवम विडियो Content की ध्वनि को सुन पाते हैं।

कंप्यूटर का पूरा नाम (Full Form) क्या है ? Full Form of Computer

क्या आप जानते हैं कि कंप्यूटर का पूरा नाम (Full Form) क्या है? अगर नहीं जानते हैं तो फिर आप इस पोस्ट के माध्यम से आगे जान पाएंगे की वास्तव में कंप्यूटर का विस्तृत नाम हिंदी और English में क्या होता है –

  • C – Common
  • O – Oriented (Operated)
  • M – Machine
  • P – Particularly
  • U – Used For (United & Used Under)
  • T – Technical
  • E – Educational
  • R – Research

COMPUTER Meaning – Commonly Oriented Machine Particularly Used For Technical Educational Research

हिंदी में कंप्यूटर शब्द का पूर्ण अर्थ – सामान्य ऑपरेटिंग मशीन जोकि मुख्य रूप से टेक्नोलॉजी, शिक्षा एवम अनुसंधान के क्षेत्र में उपयोग की जाती है;

कंप्यूटर का इतिहास – Generation of Computer हिंदी में पूर्ण जानकारी

कंप्यूटर की पहली पीढ़ी – 1940 -56 ‘’Vacuum Tubes’’

कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी – 1956 -63 ‘’Transistors’’

कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी – 1964 -71 ‘’Integrated Circuits’’

कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी – 1971 -85 ‘’Microprocessors’’

कंप्यूटर की पाँचवीं पीढ़ी – 1985 – Present ‘’Artificial Intelligence’’

कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया ?

क्या आप जानते हैं की कंप्यूटर का जनक (Inventor) कौन है? अगर नहीं जानते हैं तो आज आप इस आर्टिकल के माध्यम से कंप्यूटर के खोजकर्ता कौन हैं इसे जान पाएंगे।Father of computer -Charles Babage

कंप्यूटर के आविष्कारक के रूप में हम जिन्हें जानते हैं उनका नाम है – चार्ल्स बावेज (Charles  Babage)

चूँकि, कंप्यूटर के विकास में शुरू से ही कई वैज्ञानिकों  ने अपना – अपना योगदान दिया है लेकिन चार्ल्स बावेज ने उनमें से सबसे अधिक योगदान दिया था और Analytical Engine के रूप में सन 1833 में पहला आविष्कार उन्होंने ही किया था।

उनका ये एनालिटिकल इंजन मॉडल ALU (Arithmetic Logic Unit), Integrated Chip Memory एवम Basic Flow Control पर आधारित था जोकि आज का आधुनिक कंप्यूटर भी इसी मॉडल की बुनियाद पर Design करके बनाया गया है।

क्या आप जानते हैं कि ‘’Father of Computer’’ किसे कहा जाता है?

यानि की आज के आधुनिक कंप्यूटर का आधार (Base) भी चार्ल्स बावेज के एनालिटिकल इंजन मॉडल ही है।

Image Credited By : Wikipedia

यही कारण है की चार्ल्स बावेज को Modern कंप्यूटर का जनक (पिता) ‘’Father of Computer’’ भी कहा जाता है।

उन्होंने ही सबसे पहले मैकेनिकल कंप्यूटर का Design तैयार किया था, जोकि एनालिटिकल इंजन के रूप में जाना जाता था।

इसमें Input डाटा को Insert करने के लिए Punch Card का उपयोग किया जाता था।

कंप्यूटर कैसे काम करता है – कंप्यूटर की कार्यप्रणाली (Computer Working Functions)

सामान्य रूप से एक कंप्यूटर तीन Steps के द्वारा काम करता है जोकि है –

  • Input (Data) 

User से Data प्राप्त करना जिसे Input कहते हैं

  • Process

Input Data को Instructions के अनुसार प्रोसेस (Processing) करना

  • Output

अंत में इस Processed Data यानि की Output को दर्शाना (Display)

Input Data → Processing → Output Data (Result)

अतः कंप्यूटर को हम एक ऐसा Advanced Multitasking Electronic Device कह सकते हैं जोकि User के द्वारा Input के रूप में Data को प्राप्त (Accept) करता है एवम उस इनपुट डाटा को अपने Programmable (Set of Instructions) Processing यूनिटों के माध्यम से प्रोसेस करता है और अंततः Output Devices (Monitor) की मदद से पूर्ण Accuracy के साथ परिणामों (Results) को प्रकाशित करता है।

प्रोग्रामिंग (Set of Instructions) के अनुसार कई तरह के निर्देशों को शामिल किया जाता है जिसके अनुसार कंप्यूटर अपना कार्य तीव्रता के साथ सम्पादित कर पाता है।

इन निर्देशों के अनुसार कई तरह के डाटा शामिल होते हैं जैसे कि – संख्या (Numbers), वर्णमाला (Alphabets), एवम अन्य प्रकार के Data

इस सम्पूर्ण डाटा के आधार पर ही कंप्यूटर अपना कार्य पूर्ण करता है और परिणाम दिखाता है।

कंप्यूटर कितने प्रकार के होते हैं  – Types of Computer In Hindi?

सामान्यतः जब हम कंप्यूटर की बात करते हैं तो हमारे दिमाग में सबसे पहले जो तस्वीर आती है वो हमारे घर, स्कूल या ऑफिस में उपयोग होने वाले डेस्कटॉप कंप्यूटर पर ही जाता है।

या फिर यदि हमारे पास लैपटॉप या नोटबुक है तो हम उसके बारे में सोचते हैं।

लेकिन वास्तव में आज के इस आधुनिकता के दौर में हम अपने चारों तरफ से कंप्यूटर से घिरे पड़े हैं।

और हमारे जीवन में हर समय उपयोग होने वाला सबसे छोटा कंप्यूटर के रूप में Mobile Phones एवम Tabs हैं जिनका उपयोग प्रत्येक व्यक्ति अपने दैनिक गतिविधियों के लिए कर रहा है।

मगर कंप्यूटर का क्षेत्र आज के समय में काफी व्यापक हो चुका है एवम इसे इसकी उपयोगिता, आकार, उद्देश्य और इसकी आधुनिकता एवम कार्य कुशलता के आधार पर अलग – अलग श्रेणियों में बांटा जाता है।

कंप्यूटर के प्रकार – Types of Computer in Hindi

कंप्यूटर को मुख्यतः तीन श्रेणी (Category) में रखा जाता है जिसे हम इस प्रकार से समझ सकते हैं –

  • उपयोगिता (Application) के आधार पर
  • उद्देश्य (Purpose) के आधार पर
  • आकार (Sizes) के आधार पर

उपयोगिता(Application) के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार

  1. एनालॉग कंप्यूटर (Analog Computer)
  2. डिजिटल कंप्यूटर (Digital Computer)
  3. हाइब्रिड कंप्यूटर (Hybrid Computer)

उद्देश्य (Purpose) के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार

  1. General (सामान्य) Purpose Computer
  2. Special (विशिष्ट) Purpose Computer

आकार (Sizes) के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार

  1. Mini Computer
  2. Microcomputer
  3. Mainframe Computer
  4. Workstation
  5. Super Computer

इन सभी कंप्यूटर के विषय में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए आगे पढ़ें –

उपयोगिता यानि अनुप्रयोग (Application) के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार

एनालॉग कंप्यूटर क्या है (What is Analog Computer)

एनालॉग कंप्यूटर का उपयोग मुख्य रूप से भोतिक इकाईयों के रूप में आँकडों (Data) को मापने के लिए किया जाता है।

उदहारण के लिए – गति (Speed), तापमान (Temperature), लम्बाई (Length), ऊंचाई (Height), दाब (Pressure) इत्यादि

इस प्रकार के कंप्यूटर की कार्य कुशलता काफी तीव्र होती है एवम इसमें हमें Graphical Data के रूप में परिणाम प्राप्त होता है।

इस तरह के कंप्यूटर में आँकडों को स्टोर करने की क्षमता नहीं होती है।

एनालॉग कंप्यूटर का उपयोग मौसम विज्ञान, टेक्नोलॉजी, अनुसंधान एवम शिक्षा आदि के क्षेत्र में किया जाता है।

थर्मामीटर एक एनालॉग कंप्यूटर का सबसे अच्छा उदाहरण है।

इसके अलावा,

वर्षामापी (Rain Gauge)सेंटीमीटर में वर्षा मापने का यंत्र

आर्द्रतामापक (Hygrometer)वायुमंडल में व्याप्त आर्द्रता (नमी) मापने का यंत्र

एनीमोमीटर (Anemometer)हवा की गति मापने का यंत्र

इस प्रकार के सभी एनालॉग Computers मुख्यतः भौतिक आँकडों (Data) को मापने के लिए उपयोग में लाया जाता है।

डिजिटल कंप्यूटर क्या है (What is Digital Computer)

वास्तव में हम सब अपने दैनिक जीवन में जिस कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं, उसे ही डिजिटल कंप्यूटर कहा जाता है।

यह एनालॉग कंप्यूटर से पूर्ण रूप से भिन्न होता है जिसमे हम अपने अनुसार किसी भी डाटा को अंकीय (Digit) रूप में Digitally Feed करते हैं जोकि Digitally ही डाटा को प्रोसेस करता है एवम परिणाम के रूप में हमें आउटपुट प्राप्त होता है।

डिजिटल कंप्यूटर वास्तव में जिस आधार पर काम करता है उसे Binary System कहा जाता है, जोकि मुख्यतः ‘’0 और 1’’ बाइनरी डिजिट पर कार्य करता है।

जब भी हम कोई इनपुट डाटा Insert करते हैं तो वह इसे बाइनरी (0,1) में परिवर्तित कर देता है एवम इलेक्ट्रॉनिक रूप से डाटा को प्रोसेस करके वापस उसे बाइनरी (0,1) फॉर्मेट में रिजल्ट देता है जिसे प्रोसेसर फिर से बदलकर यूजर के समझने लायक डाटा में बदल देता है जोकि हमें रिजल्ट के रूप में दिखाई देता है।

एक डिजिटल कंप्यूटर पूर्ण रूप से गणितीय (Calculation) एवम तार्किक (Reasoning) के आधार पर कार्य करने में सक्षम होता है।

एक Calculator इसका सबसे सामान्य उदाहरण है जोकि Digitally डाटा को प्रदर्शित करता है एवम परिणाम में भी अधिक एक्यूरेट होता है।

अतः एक डिजिटल कंप्यूटर गणना (Calculate) करके डाटा को प्रदर्शित करता है वहीँ एक एनालॉग कंप्यूटर किसी भी डाटा को प्राप्त करने के लिए मापक (Measurement) के आधार पर काम करता है।

हाइब्रिड कंप्यूटर क्या है (What is Hybrid Computer)

एक Hybrid Computer ऐसा कंप्यूटर होता है जिनमें एनालॉग कंप्यूटर के साथ – साथ  डिजिटल कंप्यूटर के भी गुण शामिल (Inbuilt) होते हैं।

इस प्रकार एनालॉग और डिजिटल दोनों के Properties मिलकर Hybrid कंप्यूटर को एक पावरफुल और अधिक भरोसेमंद बना देता है।

अतः एक हाइब्रिड कंप्यूटर इन दोनों तरह के कंप्यूटर से अधिक तीव्र और सटीक परिणाम प्रकाशित करने की क्षमता रखता है।

हाइब्रिड कंप्यूटर कैसे काम (Function) करता है – How Hybrid Computer Work

हाइब्रिड कंप्यूटर में एनालॉग कंप्यूटर की मदद से आँकडों को प्राप्त किया जाता है एवम उस डाटा का नियंत्रण और प्रोसेस Digitally सम्पादित होता है जिससे की प्राप्त परिणाम काफी सटीक होते हैं।

हाइब्रिड (Hybrid) कंप्यूटर के उपयोग

हाइब्रिड कंप्यूटर का उपयोग विशेषकर वैज्ञानिक अनुसंधान, रक्षा विभाग, जटिल गणितीय कार्यों, स्पेस टेक्नोलॉजी, मौसम विज्ञान आदि में किया जाता है।

इसके साथ – साथ पेट्रोल पंप मशीन, स्पीडोमीटर में भी हाइब्रिड कंप्यूटर टेक्नोलॉजी का ही इस्तेमाल किया जाता है।

उद्देश्य (Purpose) के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार

General (सामान्य) Purpose Computer

दैनिक जीवन में अपने कार्यों को सम्पादित करने के लिए हम जिस कंप्यूटर का उपयोग करते है वह सभी सामान्य उद्देश्य कंप्यूटर के ही उदाहरण है।

जैसे की Desktop Computer, Laptop, Notebook, Tablet ये सभी एक General Purpose Computer के ही उदाहरण हैं।

एक सामान्य कंप्यूटर पर हम लगभग सभी प्रकार के कार्यों को कर सकते हैं,

जैसे कि – ऑफिसियल Work, Blog Writing, Movie Video Making, Software Developing, Business Work, Online Banking Transaction, Chatting, Email, Online Meetings और भी बहुत कुछ !!!

Specific (विशिष्ट) Purpose Computer

इस तरह के कंप्यूटर किसी विशेष कार्य को पूरा करने के लिए विकसित किया जाता है और ये सामान्य कंप्यूटर की भांति भिन्न – भिन्न (Multipurpose) कार्यों को नहीं कर सकता है।

इनका कार्य केवल एक ही तरह के कार्य को करने के लिए बनाया जाता है।

उदाहरण के लिए – मौसम की भविष्यवाणी करना, परिवहन तंत्र (Traffic Signal) को नियंत्रित करना, पेट्रोल पंप मशीन को संचालित करना इत्यादि।

आकार (Sizes) के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार

मिनी कंप्यूटर (Mini Computer)

Mini Computer वह कंप्यूटर है जिसका आकार (Size) अन्य की तुलना में काफी छोटा होता है एवम इसका Performance भी अन्य की तुलना में कम होता है।

Mini Computer का मुख्य रूप से Small Businesses एवम Individual Institutions & company में किसी विशेष कार्य को करने के लिए किया जाता है।

इसे ‘Mid Range Computer’ भी कहा जाता है।

माइक्रो कंप्यूटर (Micro computer)

माइक्रो कंप्यूटर वह कंप्यूटर है जिसका इस्तेमाल इस आधुनिक समय में सबसे अधिक किया जाता है। यह कंप्यूटर अन्य के तुलना में हल्का (Light Weighted), और छोटा (Portable) होता है।

यह कंप्यूटर हमारे दैनिक जीवन में सामान्य उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किया जाता है,

उदाहरण के लिए – शिक्षा (Education), कार्यालय (Office Work), मनोरंजन (Entertainment), ब्लॉग्गिंग एवम बिज़नेस इत्यादि।

माइक्रो कंप्यूटर के उदाहरण – Personal Computer (PC), Laptop, Notebook, PDA (Personal Digital Assistants)

वर्क  स्टेशन  (Work Station)

एक Work Station कंप्यूटर को हम Terminal या Server कह सकते हैं जोकि एक नेटवर्क की तरह कार्य करता है।

चूँकि इंटरनेट पर उपलब्ध डाटा सर्वर पर ही स्टोर रहता है एवम जब भी कोई इंटरनेट पर उस डाटा को सर्च करता है तो वह उस Work Station Network से ही Connect होकर डाटा को एक्सेस कर पाता है।

Mainframe Computer

अभी तक मैंने जितने भी कंप्यूटर के बारे में बताया है उनमें से मेनफ़्रेम कंप्यूटर सबसे अधिक शक्तिशाली (Powerful) यानि की गति (Performance) में तेज़ होते हैं एवम डाटा स्टोर करने की क्षमता अधिक होती है।

आकार (Size) की दृष्टी से मेनफ़्रेम कंप्यूटर काफी बड़े – बड़े होते हैं।

सुपर कंप्यूटर (Super Computer)

अभी तक बताए गये वर्णित सभी प्रकार के कंप्यूटर में ‘’सुपर कंप्यूटर’’ सबसे अधिक तेज़ (Fast), Accurate, और शक्तिशाली (Powerful) कंप्यूटर है।

इस तरह के Computers आकार में काफी बड़े – बड़े एवम महंगे होते हैं।

सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल विशेषकर रक्षा विभाग (Defence Sector), अनुसंधान केंद्र (Research Centre), स्पेस टेक्नोलॉजी एवम मौसम भविष्यवाणी (Climate Forecast) के क्षेत्र में किया जाता है।

Super Computer का विकास

Super Computer की बात की जाए तो हमेशा अमेरिका, जापान और चीन के बीच Competition लगा रहता है कि किसका सुपर कंप्यूटर अधिक Fast कार्य कर पाता है।

ऐसे में अमेरिका की ‘’SUMMIT Super Computer’’ अभी तक का सबसे तेज (Fast) सुपर कंप्यूटर में गिना जाता है।

इन सबके बीच भारत ने भी अपना सुपर कंप्यूटर बनाया है, जिसमें PARAM – 8000 भारत का पहला Super Computer है जिसे भारत सरकार की संस्था C-DAC ने 1991 में विकसित (Develop) किया था।

परम के बाद भी भारत ने बहुत सारे सुपर कंप्यूटर पर अपना रिसर्च और डेवलपमेंट का कार्य जारी रखा है और वर्तमान में भारत के पास जो दो सबसे अधिक तीव्र (Fast) सुपर कंप्यूटर हैं वो हैं – PRATYUSH और MIHIR

कंप्यूटर की विशेषताएँ – Characteristics (Features) Of Computer In Hindi

कंप्यूटर की कुछ खास विशेषताएँ इस प्रकार हैं जो इसे आम इंसानों से विशिष्ट बनाती है : –

  • गति (Speed)
  • शुद्धता (सटीक जानकारी) [Accuracy]
  • कार्यकुशलता (Multitasking)
  • भण्डारण क्षमता (Storage Capacity)
  • संचार – संप्रेषण का माध्यम (Medium Of Communication)
  • ऑटोमेशन (Automation)
  • विश्वसनीय माध्यम (Reliable Source)
  • निर्णय (Quick Discision Capacity)
  • स्फूर्ति एवम पुनरावृत्ति (Agility & Repetition)
  • गोपनीयता (Data Security)
  • Cost Effective
  • स्मरण क्षमता (Capacity of Remembrance)

सारांश (Summary)

  1. कंप्यूटर एक Programmable इलेक्ट्रॉनिक Device (मशीन) है।
  2. कंप्यूटर शब्द की उत्पत्ति ‘लैटिन’ शब्द के “COMPUTARE” से हुई है।
  3. कंप्यूटर इनपुट डाटा को CPU के माध्यम से प्रोसेसिंग के उपरांत परिणाम को आउटपुट (Result) के रूप में प्रकाशित करता है।
  4. कंप्यूटर ‘हार्डवेयर एवम सॉफ्टवेयर’ से मिलकर बनता है।
  5. Software Developers Coding के तहत सॉफ्टवेयर का Programming करते हैं जोकि निर्देशों का समूह होता है एवम हार्डवेयर को निर्देश देता है कि क्या काम करना है एवम कैसे करना है।
  6. Hardware कंप्यूटर का वह हिस्सा (Part) होता है जो हमें Physically (भौतिक) दिखाई देता है, उदाहरण के लिए – मॉनिटर, कीबोर्ड, माउस, CPU कैबिनेट इत्यादि।
  7. सॉफ्टवेयर के माध्यम से किसी भी जटिल काम को आसान बनाया जाता है और बड़ी आसानी के साथ पूर्ण कर लिया जाता है।
  8. लैपटॉप (Laptop) और नोटबुक (Notebook) एक पोर्टेबल कंप्यूटर होता है जिसे हम कहीं पर भी आसानी से ले जा सकते हैं एवम अपनी सुविधानुसार काम कर सकते हैं।
  9. टेबलेट (Tablet) कंप्यूटर भी एक मिनी कंप्यूटर होता है जिसमे मोबाइल फ़ोन की तरह Touchscreen होता है जिसमे हम अलग से कीबोर्ड और माउस का इस्तेमाल कंप्यूटर की तरह कर सकते हैं।
  10. कंप्यूटर में हम Unlimited Data को Store कर सकते हैं जिसका हम कभी भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
  11. आजकल के लैपटॉप कंप्यूटर में भी टेबलेट की तरह टच स्क्रीन का इस्तेमाल किया जाने लगा है जोकि थोड़े महँगे (Costly) होते हैं।

कंप्यूटर की सीमाएं (Limitations of Computer)

कंप्यूटर और साधारण मनुष्य के बीच सबसे बड़ा अंतर यही हैं कि मनुष्य एक जीवित प्राणी (Living Things) है और इसे खुद की सोचने समझने और अपने अनुसार किसी भी कार्य को करने की क्षमता होती है।

वहीँ एक कंप्यूटर पूर्ण रूप से निर्देशों और इनपुट के आधार पर ही अपना कार्य करता है।

कंप्यूटर एक निर्जीव (Non – Living Things) मशीन है जिसे अपने अनुसार कार्य करने की शक्ति नहीं होती है और वह सिर्फ दिए गए निर्देशों के अनुरूप ही कार्य करता है।

कंप्यूटर में ‘विवेक (Sense)‘ नहीं होता है यानि की इसमें खुद से कुछ सोचने की क्षमता नहीं होती है।

मगर आजकल के वैज्ञानिक कम्प्यूटरों के द्वारा खुद से सोचने – समझने की क्षमता को विकसित करने के प्रयास में लगे हुए हैं जिसे ‘कृत्रिम मेधा शक्ति (Artificial Intelligence)’ यानि ‘AI Technology’ कहा जाता है।

कंप्यूटर के क्षेत्र में करियर (Career Options In Computer Fields)

प्रोग्रामिंग (Programming)

हार्डवेयर इंजीनियरिंग (Hardware Engineering)

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग (Software Engineering)

Graphic DesigningComputer Career Options

Data Scientist

Web Developer

Web Design

Network Engineer (Administrator)

App Developer

Computer Operator

Computer Teacher

Data Entry Operator

Computer Typist

Blogger

Vlogger

निष्कर्ष – इस प्रकार कंप्यूटर क्या है और इसका आविष्कार किसने किया है एवम कंप्यूटर की विशेषताएँ क्या – क्या हैं ? इसे Step Wise महत्वपूर्ण Terms(Points) के द्वारा समझाने का प्रयास मैंने किया है।

इससे सम्बंधित लगभग सभी आवश्यक जानकारियाँ मैंने अपने इस Article के जरिए देने का प्रयास किया है।

फिर भी यदि इसके अतिरिक्त कोई जानकारी आपलोगों को चाहिए तो मुझे Comment के द्वारा पूछ सकते हैं या फिर मुझे मेरे ई-मेल और फेसबुक पेज पर भी जुड़कर अपने सवाल पूछ सकते हैं और सुझाव भी दे सकते हैं।

जय हिन्द ! जय भारत !

सबका साथ, सबका विकास !!!

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