SEO (Search Engine Optimization) क्या है और यह किस प्रकार काम करता है?

‘Search Engine’ क्या है और किस तकनीक पर काम करता है। ये तो अब हम अच्छी तरह से समझ चुके हैं। तो अब हमें ‘SEO’ क्या है और किस प्रकार काम करता है, ये समझने में दिक्कत नहीं होगी।

SEO (Search Engine Optimization) क्या है और यह किस प्रकार काम करता है?

वैसे तो SEO करने के बहुत सारे तरीके हैं जिसे 100 प्रतिशत तक फॉलो करना किसी भी ब्लॉगर के लिए आसान नहीं है, क्योंकि जब तक SEO एक्सपर्ट्स को भी इन Techniques के बारे में जानकारी प्राप्त होती है या उन्हें इसकी समझ होती है, गूगल तब तक अपनी नई तकनीक को Update कर चुका होता है, क्योंकि गूगल अब बहुत Smart हो चुका है और वह  AI Technology पर काम करता है, जो बहुत हद तक इंसानो जैसी सोच पर काम करता है।

अगर आप SEO को Simple way में समझना चाहते है तो आप यह जान ले कि Google उसी Content को रखना पसंद करता है जिसे User पढ़ना पसन्द करते है। जिससे कि वह Content अपने आप First Page पर चला जाता है।

और अगर पसंद नही करते तो धीरे- धीरे नीचे चला जाता है। यह Google SEO का सबसे Important Factor है।

Google ‘सर्च इंजन’ में डाली गई किसी भी इनपुट का 100 प्रतिशत वास्तविक परिणाम खोजकर्ताओं को देने का प्रयास करता है, ताकि Users का भरोसा Google पर हो और जिससे इसके Traffic में बढ़ोतरी होता रहे।

इसके लिए Google समय-समय पर अपने SEO तकनीक में बदलाव करता रहता है। जो खोजकर्ताओं (Web Searchers) के लिए तो बहुत अच्छा है, वांछित परिणाम पाने के लिए,

लेकिन Bloggers और वेबसाइट Owners के लिए ये कठिन हो जाता है खुद के ब्लॉग को टॉप रैंक पर बनाये रखने के लिए।

Bloggers और SEO एक्सपर्ट्स जैसे – जैसे गूगल के रैंकिंग फैक्टर्स को समझना शुरू करते जाते हैं और उसे अपनाकर ब्लॉग एवं Websites को रैंक करवाने लगते हैं, तो गूगल भी इस चीज़ को समझने लगता है और वो अपने अल्गोरिथम में नया बदलाव करना शुरू कर देता है, ताकि गूगल पर सिर्फ Quality Content मेन्टेन रहे।

SEO (Search Engine Optimization) कैसे काम करता है?

गूगल में एक अच्छी रैंक को पाने और उसे बनाये रखने के लिए जो दो सबसे महत्वपूर्ण Factor होती है, वह है अपने यूजर के लिए एक यूनिक और Valuable Content को लिखना।

और दूसरा है – वेबसाइट की Loading Speed का Fast होना

अगर हमारी वेबसाइट की Loading स्पीड Slow होगी तो एक बेहतरीन कंटेंट होने के बावजूद भी वह रैंक नहीं करेगी, इसलिए हमें हमेशा एक अच्छी होस्टिंग को ही Prefer करनी चाहिए।

अतः वही ब्लॉग या वेबसाइट टॉप पेज पर रैंक होता है जो SEO Perfection को Update और मेन्टेन करता रहता है।

Google हमारे ब्लॉग या वेबसाइट को रैंक करने के लिए जिस Basic Process को Follow करता है उसकी List नीचे दी जा रही है, जिसे फॉलो करके आप भी अपनी वेबसाइट या ब्लॉग को गूगल के फर्स्ट पेज पर रैंक करवा सकते हैं –

1. Online Appearance 

Google में आपके Blog या Website की ऑनलाइन उपस्थिति बहुत Matter करती है यानि जो ब्लॉग या वेबसाइट जितनी पुरानी होगी वही अधिक रैंक होगी।

Similar टॉपिक पर नए वेबसाइट को गूगल जल्दी रैंक नहीं करता है, नए वेबसाइट या ब्लॉग को गूगल तभी रैंक करेगा जब कंटेंट पूरी तरह से यूनिक और नए टॉपिक (Niche) पर आधारित होगी।

2. Keyword Analysis 

कीवर्ड एनालिसिस Term गूगल में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण Factor है जो Actually में किसी पेज को रैंक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

यूजर जब गूगल में कुछ भी सर्च करता है तो सर्च इंजन में जो कुछ भी टाइप करता है उसे Keyword कहते हैं, तो अगर आप अपने  वेबसाइट पर जिस टॉपिक के ऊपर पेज बना रहे हैं, उसी से रिलेटेड सर्च किये जाने वाले कीवर्ड्स को फॉलो करके आर्टिकल्स लिखेंगे तो निश्चित रूप से आपका ब्लॉग टॉप पेजेज पर रैंक करने लगेगा।

कीवर्ड एनालिसिस के लिए बहुत सारे टूल्स और तरीके अपनाये जाते हैं, जिन्हे इस्तेमाल करके हम अपने पोस्ट या Niche के लिए Perfect Keyword का चयन कर सकते हैं।

इनमे से कुछ टूल्स Paid होते हैं, जिन्हे खरीदकर हम उसका पूर्ण रूप से इस्तेमाल कर सकते हैं। इन्ही पेड टूल्स का प्रयोग लगभग दुनिया के सभी बेहतरीन Bloggers अपना कीवर्ड Selection से लेकर अन्य बेहतरीन जानकारियों को प्राप्त करने के लिए करते हैं।

जिससे उन्हें न सिर्फ Perfect Keyword की जानकारी मिलती है बल्कि उनके Competitors वेबसाइट की सम्पूर्ण History, SEO पेजेज की Info, Backlinks आदि की पूर्ण जानकारी भी मिल जाती है।

कीवर्ड एनालिसिस करने के लिए कौन – कौन से Tools उपयोग में लाये जाते हैं?

ऐसे तो कीवर्ड एनालिसिस करने के लिए ब्लॉगर कई तरह के Paid या Free Tools का इस्तेमाल करते हैं लेकिन जिन 3 सबसे महत्वपूर्ण Paid SEO टूल्स का प्रयोग इन Bloggers के द्वारा की जाती है वह है –

1. Semrush

2. Ahrefs

3. Serpstat

इसके अतिरिक्त कुछ Free टूल्स भी हैं जिनका इस्तेमाल भी किया जा सकता है, लेकिन इनके प्रयोग में कुछ Limitations होते हैं, फिर भी नए Bloggers इनका इस्तेमाल करके बहुत अच्छा काम कर रहे हैं।

SEO के लिए Free Tools कौन – कौन से हैं ?

Search Engine Optimization के लिए उपयोग किये जाने वाले कुछ Free टूल्स जो हैं वह इस प्रकार हैं –

  1. Keyword.IO
  2. Ubersuggest
  3. SimilarWeb

3. Outgoing Link

गूगल सर्च इंजन चाहता है कि किसी भी वेबसाइट के अंदर रिलेटेड टॉपिक या Terms से किसी दूसरे ‘Authority ब्लॉग’ या ‘Websites’ का Linking किया हुआ हो, यानि (अपनी साइट को दूसरे साइट्स के टॉपिक्स से लिंक करना)

जिससे ‘ब्लॉग की अथॉरिटी’ Build होती है यानि बढती है।   

4. Incoming Links

मुख्यतः इसमें हमारी वेबसाइट का अन्य Websites के साथ लिंक करना होता है। 

हमारे ब्लॉग पर जब रिलेटेड Topics पर बनी अन्य Trusted Websites से लिंक होता है और जब Visitors उन Authority Websites से हमारे वेबसाइट पर ट्रांसफर होते हैं, तो गूगल की नज़र में हमारे वेबसाइट की अथॉरिटी Build होती है।

इन लिंक्स को प्राप्त करने का एक और तरीका हो सकता है कि जो सामग्री हम खोजकर्ता को उपलब्ध करा रहे हैं, उससे संबधित छोटी से छोटी और विस्तृत जानकारी हम यूजर को दें।

जोकि सच में हमारे ब्लॉग में एक Value दे सके, इसके द्वारा हम आसानी से वायरल हो सकते हैं और हम इससे एक अच्छा खासा Links हासिल सकते हैं। जिससे न सिर्फ गूगल की नज़र में हमारे वेबसाइट या ब्लॉग पर Trust Develop होता है, बल्कि वेबसाइट की रैंक भी तेजी से बढ़ने लगती है।

जिससे हमारे ब्लॉग या वेबसाइट पर Traffic बढ़ने के साथ- साथ यह Search Engine में भी तेजी से  रैंक होने लगता है।

5. Responsive Website/Blog Design

Responsive Web Design के अंतर्गत हमें एक SEO Friendly Theme का प्रयोग करना चाहिए।

चूँकि, आजकल इंटरनेट का Use लोग कंप्यूटर के साथ-साथ सबसे ज्यादा मोबाइल और टेबलेट पर कर रहे हैं, इसीलिए वेबसाइट या ब्लॉग पर हमें वैसे Themes का Use करना चाहिए जो इन सभी गैजेट्स पर आसानी से डिस्प्ले हो सके। ताकि User आपके वेबसाइट को एन्जॉय कर सके।

6. Content

हम सब जान चुके हैं, ‘Content Is King‘, SEO के लिए गूगल की पहली पॉलिसी एक क्वालिटी कंटेंट का होना है।

हमें हमेशा कंटेंट खोजकर्ता या उपयोगकर्ता के हितों को ध्यान में रखते हुए लिखना चाहिए न कि सर्च इंजन गूगल के लिए सिर्फ रैंकिंग पाने के लिए।

गूगल अल्गोरिथम में चाहे जितना भी बदलाव होता है लेकिन उसमे ‘Content Factor’ हमेशा ही टॉप Priority पर रहता है। गूगल के अनुसार कंटेंट खोजकर्ता की जानकारी को पूरा करने वाला होना चाहिए, जोकि गूगल और यूजर के जुड़ने का एक महत्वपूर्ण कारक होता है।

गूगल के अनुसार एक अच्छा Ideal Content कम से कम 1000 से 2000 शब्दों के बीच होना चाहिए और अगर आप 2500 से 3500 शब्दों तक का एक Ideal & Valuable Content अगर उपयोगकर्ता को Provide करा रहे हैं तो फिर इस कंटेंट का सर्च इंजन में रैंक होना तय है।

अपने पोस्ट को एसइओ Friendly बनाने के लिए इसमें कुछ बेसिक शोध यानि Research करें

  • अपने Targeted कीवर्ड जिस पर आप पोस्ट लिख रहे हैं उसपर गूगल में पहले से उपलब्ध टॉप रैंकिंग ब्लॉग्स या वेबसाइट को अच्छे से विश्लेषण और अध्ययन करें।
  • अपने पोस्ट में उस विषय के बारे में हर उस चीज़ के बारे में गहराई से बताएं जिसे उपयोगकर्ता जानना चाहता  है। ताकि यूजर का आपके वेबसाइट में आने का एक अच्छा अनुभव प्राप्त हो, जो यूजर को आपके ब्लॉग पर दुबारा आने के लिए बाध्य करेगी।
  • अपने कंटेंट को बेहतरीन बनाने के लिए Bullet पॉइंट्स का इस्तेमाल करें और प्रत्येक पहलु को शानदार तरीके से व्याख्या करें और समझाने का प्रयत्न करें।
  • पोस्ट से रिलेटेड कीवर्ड्स का अच्छे से उपयोग करके (H1 /H2 /H3/H4) Header Section को बनायें।
  • Title, Tag, Url, Slug, Permalink, और Meta Description इन सबमे अच्छे से Main यानि Focus Keyword को use करें।

अंततः पूर्ण रूप से  एक शानदार Content Prepare करें जिसे पढ़कर मज़ा आ जाय।

7. User Engagement

जैसे की नाम से ही स्पष्ट है की अधिक से अधिक उपयोगकर्ताओं की वेबसाइट पर Engagement, और यह सिर्फ तीन ही Factor पर निर्भर करता है –

१. वेबसाइट की स्पीड – आपकी वेबसाइट या ब्लॉग की लोडिंग स्पीड जितनी Fast होगी, यूजर को उतना ही ज्यादा मज़ा आएगा। और वो आपके ब्लॉग पर अधिक से अधिक समय बिताना पसंद करेगा यानि आपके ब्लॉग को एन्जॉय करेगा जिसके परिणामस्वरूप गूगल की नज़र में आपके वेबसाइट की डोमेन अथॉरिटी और पेज अथॉरिटी बढ़ेगी और ब्लॉग के रैंकिंग में इज़ाफ़ा होने लगेगा।

२. वेबसाइट की Design – कोई भी चीज़ जितनी खूबसूरत दिखाई देती है लोग उसे उतना ही ज्यादा पसंद करते हैं, ठीक वैसे ही एक ब्लॉग की सुंदरता उसकी एक बेहतरीन Theme से मिलती है, एक आकर्षक ब्लॉग यूजर को अच्छा अनुभव कराता है, जिससे कि वह ज्यादा से ज्यादा समय आपके ब्लॉग पर बिताना चाहता है, इससे ब्लॉग पर व्यस्तता बढ़ती है और गूगल यही चाहता है, ट्रैफिक और ब्लॉग पर अधिक से अधिक Engagement !

अतः हमें अपनी वेबसाइट या ब्लॉग के लिए एक SEO Friendly और Fast Loading Supported Theme का उपयोग करना चाहिए।

आप एक शानदार SEO Friendly Blogging Theme के लिए World के टॉप 3 बेस्ट Theme के ऊपर जा सकते हैं जोकि हैं –

  • Generate press Theme
  • Astra Theme
  • Newspaper X Theme

3. Content कंटेंट इज़ king

इन सब Factors का अनुसरण करते हुए हम जब अपने ब्लॉग पर पोस्ट Create करते जाते हैं तो धीरे-धीरे हमारे ब्लॉग पर ट्रैफिक Engagement बढ़ने लगता है, जो कि किसी भी ब्लॉगर का अंतिम उद्देश्य होता है।

8. Interlinking

एक Website या Blog के Search Engine Optimization करने में पोस्ट का Interlinking करना एक बहुत जरुरी Factor होता है। इसके करने से हमारे ब्लॉग का बाउंस Rate कम होता है।

जब हमारे वेबसाइट या ब्लॉग पर अच्छा खासा कंटेंट Ready हो जाता है, तब हमें अपने पोस्ट पर उससे सम्बंधित अन्य पोस्ट का लिंक Add करना चाहिए, जिससे की यूजर इंगेजमेंट बढ़ता है और उसे अपने पोस्ट के साथ-साथ उससे सम्बंधित अन्य अनेक पोस्ट भी पढ़ने को मिल जाता है।

इससे यूजर बड़ी आसानी से एक पेज से रिलेटेड दूसरे पेज में चला जाता है और अपनी जानकारी को पूरी कर पाता है। जिससे यूजर हमारे ब्लॉग पर अधिक-से-अधिक  समय व्यतीत करता है, जो गूगल की नज़र में हमारे ब्लॉग या वेबसाइट की वैल्यू को बढ़ाता है।

9. Technical Structure

Technical Structure के अंतर्गत हमें Website के सभी तकनीकी पहलुओं पर अच्छे से ध्यान देने की जरुरत होती है, जिसमे Technical SEO, एक SEO फ्रेंडली Responsive Theme और Https के तहत एक Secure वेबसाइट का होना है।

टेक्निकल Structure हमारे यूजर इंगेजमेंट और कीवर्ड रैंकिंग को प्रभावित कर सकती है। हमें यह ध्यान देने की जरुरत है की हमारा ब्लॉग अच्छे Crawling और Indexing को सपोर्ट कर पा रही है या नहीं और यह सर्च इंजन फ्रेंडली है या नहीं।

इसके अलावा हम अपने वेबसाइट के सभी पेजेज को Xml Sitemap पर सब्मिट कर Index करने में मदद कर सकते हैं।

इसके अतिरिक्त अपने वेबसाइट और उसके Sitemap को Google Search Console एवम Bing Webmaster Tool में भी सब्मिट कर सकते हैं।

साथ ही साथ अगर हम किसी वैसे पेजेज को जिसे हम सर्च इंजन में इंडेक्स नहीं करना चाहते हैं, तो इसके तहत हम Robots.txt File का Use कर उन पेजेज को ब्लॉक कर सकते हैं।

Https को Active करके हम अपनी वेबसाइट को लेनदेन के लिए सुरक्षित बना सकते हैं जोकि रैंकिंग को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कारक है।

ऐसे में जो इनफार्मेशन Websites और Blogs के द्वारा दी जा रही है, उनका इस्तेमाल सबसे ज्यादा मोबाइल या टेबलेट पर होती है और बाकि लैपटॉप या पर्सनल कंप्यूटर पर होती है।

अतः ऐसे में जो वेबसाइट या ब्लॉग बनाये जाते हैं उनका कंप्यूटर के साथ-साथ मोबाइल और टेबलेट पर भी Easily Responsive होना जरुरी है। तभी उसका इस्तेमाल लोग करेंगे और उन्हें वो पसंद भी आएगा।

इसके साथ साथ सर्फिंग का अनुभव आसान बनाने के लिए Auto Load Next Post एवम Auto Load Pagination जैसे फीचर्स का प्रयोग कर सकते हैं। एवं गूगल Amp का प्रयोग करके वेबसाइट की loading Speed को भी बहुत Fast बनाया जा सकता है, जिनका इस्तेमाल अच्छे Bloggers कर भी रहे हैं।

Types of Search Engine Optimization (SEO)

Search engine ऑप्टिमाइजेशन के लिए जो दो सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण कारक (Factors) हैं वो हैं –

  1. On Page SEO       &        2. Off Page SEO

1. On Page SEO 

किसी भी ब्लॉग या वेबसाइट को SEO के अनुसार Setup करने के लिए जिस Process को Follow किया जाता है, उसे ही On Page SEO कहा जाता है

किसी वेबसाइट या Blog पर Organic Traffic Increase करने का सबसे important Factor ‘On Page SEO’ ही होता है। Google पर Search करके Direct किसी ब्लॉग या वेबसाइट पर जाना ही Organic Traffic कहलाता है।

किसी Blog या Website का On Page SEO करना बहुत सारे Factors पर निर्भर करता है, जिनमे से कुछ Important Factors के बारे में आपको जानना बहुत जरुरी है, तभी आप अपने ब्लॉग या वेबसाइट को Search Engine पर Rank करवा पाएंगे –

Website की एक बेहतरीन Design

वेबसाइट की Speed

वेबसाइट की Structure

वेबसाइट Favicon

Title Tag

Mobile Friendly Website

Meta Description

Image Alt Tag

URL Structure

Internal Links

Highlight Important Keywords

Use Heading Tags

Good Length Posts

Google Analytics

Google Sitemap

HTML Page Size

Check Broken Links

SEO Friendly URL

Social Media Buttons

Clear Page Cache

Website Security Https 

2. OFF PAGE SEO

अपने ब्लॉग या वेबसाइट को या उसके किसी पेज या पोस्ट को Search Engine में रैंक करवाने के लिए उसके यूआरएल लिंक को इंटरनेट या social media पर promote करना ही ‘Off Page SEO‘ कहलाता है। जब किसी पोस्ट या आर्टिकल को Share और Promote किया जाता है तो सर्च इंजन के पास कुछ सिग्नल्स पहुँचते हैं जिसके तहत गूगल उसकी रैंकिंग में बृद्धि करता है।

Off Page SEO करने के बहुत सारे तरीके हैं, जिन्हे अपनाकर कर हम अपने पोस्ट की रैंकिंग को बढ़ा सकते हैं, जिससे कि हमारे वेबसाइट या ब्लॉग की रैंकिंग में बढ़ोतरी के साथ-साथ Organic Traffic में भी इज़ाफ़ा होने लगता है।

Off Page SEO को प्रॉपर way में फॉलो करने के कुछ महत्वपूर्ण तरीके हैं, जोकि इस प्रकार हैं –

1. Social नेटवर्किंग Platforms

Facebook

Twitter

Instagram

Pintrest

2. Social Bookmarking Sites

Pinterest

Tumblr

Linkedin

Reddit

Delicious

Digg

Stumbleupon

3. Guest Posting

4. Forum Posting

5. Blog Commenting

6. Search Engine Submission

7. Video Sharing site

8. Photo sharing site

9. Classifieds Submission Site

10. Question and Answering (Q&A) Site

निष्कर्ष – इस प्रकार ‘SEO (Search Engine Optimization’) क्या है और यह कैसे काम करता है ? इसे Step Wise बताये गये इन 9 महत्वपूर्ण Terms(Points) के द्वारा समझाने का प्रयास मैंने किया है जिसे अपने ब्लॉग पर अपनाकर कोई भी एक SEO Friendly Article लिख सकता है जो गूगल पर अच्छे से रैंक हो सकता है। 

इससे सम्बंधित लगभग सभी आवश्यक जानकारियाँ मैंने अपने इस Article के जरिए देने का प्रयास किया है।

फिर भी यदि इसके अतिरिक्त कोई जानकारी आपलोगों को चाहिए तो मुझे Comment के द्वारा पूछ सकते हैं या फिर मुझे मेरे ई-मेल और फेसबुक पेज पर भी जुड़कर अपने सवाल पूछ सकते हैं और सुझाव भी दे सकते हैं।

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